ब्राजील के राष्ट्रपति ने भारत दौरे की पुष्टि की, अमेरिका जाने से पहले फरवरी में आएंगे नई दिल्ली

ब्राजील के राष्ट्रपति ने भारत दौरे की पुष्टि की, अमेरिका जाने से पहले फरवरी में आएंगे नई दिल्ली

Brazilian President India Visit

Brazilian President India Visit

ब्रासीलिया: Brazilian President India Visit: ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने सोमवार को पुष्टि की कि वह फरवरी में भारत जाएंगे. इसके बाद वाशिंगटन जाएंगे. उन्होंने यह बात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात करने के बाद कही.

सोशल मीडिया एक्स पर डिटेल्स शेयर करते हुए लूला ने लिखा, 'फरवरी में भारत और साउथ कोरिया के मेरे ट्रिप के बाद हम वॉशिंगटन का दौरा करेंगे. इस संबंध में कार्यक्रम जल्द ही तय किया जाएगा.'

उन्होंने कहा कि कॉल के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक एजेंडा पर चर्चा की, और कहा कि उन्होंने दोनों देशों के आर्थिक संकेतकों पर जानकारी का आदान-प्रदान किया, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए अच्छी संभावनाओं की ओर इशारा करते हैं. राष्ट्रपति लूला ने कहा कि ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ब्राजील की आर्थिक वृद्धि पूरे क्षेत्र के लिए सकारात्मक है.

लूला ने कहा, 'हमने हाल के महीनों में बने अच्छे रिश्तों का स्वागत किया, जिसके कारण ब्राजील के उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ का एक बड़ा हिस्सा हटा दिया गया.' ब्राजील के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने 'संगठित अपराध से निपटने में सहयोग को मजबूत करने के लिए दिसंबर में विदेश मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव को दोहराया है.'

उन्होंने 'मनी लॉन्ड्रिंग और हथियारों की तस्करी को रोकने में साझेदारी को मजबूत करने साथ ही आपराधिक समूहों की संपत्तियों को को फ्रीज करने और वित्तीय लेनदेन पर डेटा एक्सचेंज करने में भी दिलचस्पी दिखाई, और कहा कि यह प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति को पसंद आया.'

बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात करते हुए लूला ने लिखा, 'पीस काउंसिल के बारे में मैंने प्रस्ताव दिया कि अमेरिका द्वारा पेश की गई बॉडी को गाजा मुद्दे तक ही सीमित रखा जाए और फिलिस्तीन के लिए एक सीट दी जाए.' उन्होंने आगे कहा, 'इस संदर्भ में मैंने संयुक्त राष्ट्र संघ में बड़े सुधार की अहमियत को दोहराया, जिसमें सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों को बढ़ाना भी शामिल है.'

उन्होंने वेनेजुएला के बारे में भी बात की और कहा, 'हमने वेनेजुएला के हालात पर अपने विचार शेयर किए. मैंने इस इलाके में शांति और स्थिरता बनाए रखने और वेनेजुएला के लोगों की भलाई के लिए काम करने की अहमियत पर जोर दिया.'

अलग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला ने हाल ही में हुई बातचीत के दौरान आपसी रिश्तों की समीक्षा की. साथ ही आम वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सुधार वाले बहुपक्षीय महत्व पर जोर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, 'राष्ट्रपति लूला से बात करके खुशी हुई. हमने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी में मजबूत गति की समीक्षा की, जो आने वाले साल में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है.'

उन्होंने कहा, 'ग्लोबल साउथ के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए हमारा करीबी सहयोग बहुत जरूरी है. मैं जल्द ही उनका भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हूँ.' लूला ने पहले 2026 की शुरुआत में भारत के सरकारी दौरे की योजना की घोषणा की थी और वे ब्रिक्स सदस्यों, जिनकी अध्यक्षता अभी भारत कर रहा है, के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ पर प्रतिक्रिया देने के लिए बातचीत कर रहे थे. इसका असर भारत और ब्राजील दोनों पर पड़ा.

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक पीएम मोदी और लूला ने पिछले साल ब्राजील और साउथ अफ्रीका में हुई अपनी मीटिंग्स को याद किया और ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी, डिफेंस, एनर्जी, हेल्थ, एग्रीकल्चर और लोगों के बीच आपसी लेन-देन समेत सहयोग के कई एरिया में हुई प्रोग्रेस पर ध्यान दिया.

उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक प्रगति पर भी अपने नजरिए साझा किए और साझी चुनौतियों से निपटने में सुधार वाले बहुपक्षीय के महत्व को दोहराया. भारत और ब्राजील ब्रिक्स ग्रुप के सदस्य हैं. इसकी ट्रंप ने बार-बार आलोचना की है, और आरोप लगाया है कि ये देश की करेंसी में ट्रेड के जरिए अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं.

पीएम मोदी-लूला की बातचीत नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच चल रहे टैरिफ से जुड़े तनाव के बीच हुई. ट्रंप ने हाल ही में भारत के साथ एक अच्छी ट्रेड डील पर पहुंचने का भरोसा जताया और पीएम नरेंद्र मोदी को एक शानदार लीडर और एक अच्छा दोस्त बताया.

ट्रंप ने कहा, 'मैं आपके प्रधानमंत्री (मोदी) का बहुत सम्मान करता हूं. वह एक शानदार इंसान हैं और मेरे दोस्त हैं. हमारी एक अच्छी डील होने वाली है.' बाद में उन्होंने कहा, 'भारत मुझे खुश करना चाहता था. मोदी बहुत अच्छे आदमी हैं, और वह जानते थे कि मैं खुश नहीं हूं और मुझे खुश करना जरूरी था.

हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं.' अमेरिकी प्रशासन ने पहले ब्राजील के प्रोडक्ट्स पर एक्स्ट्रा टैरिफ लगाए थे, जिनमें से कुछ को बाद में वापस ले लिया गया था, जिसमें फूड एक्सपोर्ट पर ड्यूटी भी शामिल थी.